विदेशों में लेडी अनूप जलोटा कहलाई जोधपुर की जया पंवार ने पेश किये भजन, और सूफी तराने

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अकादमी ने अपने कार्यक्रमों में पिछले दिनों कुछ ऐसे ही बिरले कलाकारों को सूर्यनगरी के श्रोताओं से रुबरु कराया है जिन्होंने देश विदेश में धूम मचा रखी है लेकिन उनकी जन्म भूमि के लोग भी उनको नहीं जानते।
जोधपुर।
विदेशों में लेडी अनूप जलोटा के नाम से पहचाने जाने वाली जोधपुर मूल की गायिका जया पंवार ने गुरूवार शाम टाउन हॉल में राजस्थान संगीत नाटक अकादमी की अखिल भारतीय संगीत सभा में अपनी प्रतिभा का लोहा मनाते हुए हिंदी , राजस्थानी , मराठी और गुजरती में भजनों, गीतों और सूफियाना कलामों की प्रस्तुति दी।
जोधपुर के जाए जन्मे पियूष पंवार कई दशकों से मुंबई में संतूर वादन कर रहे है। इस दौरान उन्होंने बरसों तक भजन गायक अनूप जलोटा के साथ भी संगत की। पियूष पंवार की बिटिया जया पंवार ने भी इसी दौरान दोनों से शिक्षा ली और जब अपनी सुरीली आवाज के साथ एक बार मंच पर गाना शुरू किया तो सिर्फ मुम्बई और गुजरात में ही नहीं सात समंदर पार इंग्लैंड, जर्मनी, अमरीका, ऑस्ट्रेलिया के काम से कम पचास से आधिक टूर लगा लिए।
अकादमी ने अपने कार्यक्रमों में पिछले दिनों कुछ ऐसे ही बिरले कलाकारों को सूर्यनगरी के श्रोताओं से रुबरु कराया है जिन्होंने देश विदेश में धूम मचा रखी है लेकिन उनकी जन्म भूमि के लोग भी उनको नहीं जानते। बहरहाल राजेश खन्ना की नब्बे की दशक की फिल्म वफ़ा सहित कई मराठी व् गुजरती फिल्मो तथा सूपातर बींदणी पार्ट 2 में प्ले बैक कर चुकी जया पंवार ने कार्यक्रम के आरंभ में हिंदी भाषा में सरस्वती वंदना की प्रस्तुति तथा मराठी भाषा में गणपति वंदना पेश की।

दर्द से मेरा दामन भर दे
जया ने दर्द से मेरा दामन भर दे या अल्लाह फिर चाहे दीवाना कर दे या अल्लाह की प्रस्तुति के रूप में सूफियाना कलाम पेश किया, लेकिन इस के बाद ही जया ने मीरा के भजन माई म्हारे सपने में परणीयो रे दीना नाथ की अनोखी प्रस्तुति कर श्रोताओं से दाद पायी। उन्होंने अगली प्रस्तुति में दिल के मंदिर में तुझको बिठा के पूजा करूंगा तेरी पूजा करूंगा। दिलो ईमान लुटा के तेरी पूजा करूंगा तेरी पूजा करूँगा सुनाते हुए श्रोताओं से दाद पायी।
पायो जी मैंने राम रतन धन पायो
जया पंवार ने अपने गुरु अनूप जलोटा की मशहूर प्रस्तुति पायो जी मैंने राम रतन धन पायो की उन्ही की स्टाइल में प्रस्तुति दी तो हाल तालियों से गुंजायमान हो गया। उन्होंने मीरा के ही एक और भजन  लोक लाज छोड़ दिया मीरा हरी गन गाये की भी प्रस्तुति दी। जया के साथ उसके पिता पियूष पंवार ने हारमोनियम पर, मंजीत ने गिटार पर, ऑक्टओ पैड पर राधाकृष्ण ने, ढोलक पर रणजीत ने व तबले पर नईम खान ने संगत की। हालाँकि कार्यक्रम का प्रचार सूफी गायन के नाम पर किया गया था लेकिन अधिकांश समय तक भजनों की प्रस्तुति किये जाने से सूफी के चाहने वालों ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम को भजन संध्या के नाम से प्रचारित करना चाहिए था।
अकादमी सचिव महेश पंवार के साथ जेडीए कमिश्नर केसी मीना ने कलाकारों का स्वागत किया। संचालन प्रमोद सिंघल ने किया।

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