जम्मू कश्मीर, हिमाचल, गुजरात, उत्तराखंड और काठियावाड़ की लोक कलाओं के प्रदर्शन के साथ हुआ लोकानुरंजन मेले का समापन

426

लोक कलाओं के कुम्भ में हुए लघु भारत के दर्शन
– जम्मू कश्मीर, हिमाचल, गुजरात, उत्तराखंड और काठियावाड़ की लोक कलाओं के प्रदर्शन के साथ हुआ दो दिवसीय लोकानुरंजन मेले का समापन
जोधपुर।
राजस्थान संगीत नाटक अकादेमी के तत्वावधान में पश्चिमी क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र उदयपुर, उत्तर पश्चिमी क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र चंडीगढ़, उत्तर मध्य क्षेत्र लखनऊ, पूर्वी क्षेत्र कोलकाता सहित अन्य सांस्कृतिक संगठनों के सहयोग से टाउन हॉल में आयोजित दो दिवसीय लोकानुरंजन मेले का प्रेक्षा गृह में विभिन्न प्रांतों से आये लोक कलाकारों के अविस्मरणीय प्रदर्शन के साथ समापन हुआ।
प्रेक्षागृह में काफी समय के बाद हाउस फुल हुआ था। नीचे हाल में ही नहीं, ऊपर बालकनी तक में बैठने तो क्या खड़े रहने की भी जगह नहीं थी। ऐसे माहौल में धोरा धरती के लंगा मांगणियारों ने भी धमचक मचाई तो कालबेलिया नृत्यांगनाओं के धमाकेदार प्रदर्शन ने दर्शकों का दिल जीत लिया। गुजरात के कलाकारों ने गरबा की धमक से प्रेक्षागृह को गुंजायमान कर दिया तो काठियावाड़ी कलाकारों ने तलवारों को घुमाते हुए नयनाभिराम नृत्य का प्रदर्शन करते हुए दर्शकों से दाद पायी।
राजस्थान के अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मशहूर अलवर के फारूख, व युसूफ मेवाती के भपंगवादन ने इस कदर धूम मचाई कि फिल्म आँखें में तुझको रखे राम तुझको अल्ला रखे में बज चुके भपंग ने सूर्यनगरी में सुधि दर्शकों के दिल के तार झंकृत कर दिए।
जम्मू कश्मीर की नीता अदरस और साथियों ने कश्मीरी रूफ नृत्य की प्रस्तुति दी तो महाराष्ट्र से आये लोक कलाकारों अम्बादास महाले व साथियों ने सोंगी मुकटा नामक लोक नृत्य के माध्यम से वहां के लोक देवताओं के मुखोटे लगाकर रोचक नृत्य प्रस्तुत किया। देर रात्रि तक जारी रहे प्रेक्षागृह के कार्यक्रमों में उत्तर प्रदेश के विजय यादव व साथियों ने फरवाई लोक नृत्य की प्रस्तुति दी, तो हिमाचल की सु श्री एस एस पूनम ने गुजरी नृत्य की प्रस्तुति दी। हरियाणा से आये मनोज जेले व साथियों ने हरियाणवी घूमर पेश की तो एमपी के नदीम राइम व साथियों ने बधाई नृत्य पेश किया। अल्मोड़ा उत्तराखंड के ममता बानी व साथियों ऋतू रेण नृत्य की प्रिस्तुति दी। कार्यक्रम का समापन कल की तरह पंजाब के अमरिंदर सिंह व साथियो की जिंदवा नृत्य प्रस्तुति के साथ हुआ। प्रेक्षागृह के कार्यक्रमों में बीएसएफ़ के आई जी अनिल पालीवाल और जनसंपर्क उप निदेशक आनंद व्यास मौजूद थे।
इससे पहले टाउन हॉल परिसर के खुले प्रांगण में शनिवार की तरह बम नागड़ा गरजा, शहनाई वादन हुआ, मयूर नृत्य, लांगुरिया नृत्य, कठपुतली, गरासिया, बच्चों की गैर, डफ डांस , काछी घोड़ी, कठपुतली, जादूगर उस्मान के कारनामे, शूकर नृत्य आदि का प्रदर्शन हुआ। खुले प्रांगण में भरत जोशी ने और प्रेक्षागृह में प्रमोद सिंघल ने संचालन किया। अंत में अकादेमी सचिव महेश कुमार पंवार ने आभार जताया।