बिजली की समस्याओं से त्रस्त किसानों के लिए राज्य सरकार ने खोला राहतों का पिटारा-सुरेन्द्र गोयल

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जोधपुर। बिजली की समस्याओं से त्रस्त किसानों के बढ़ते आक्रोश को भांप कर राज्य सरकार उनके लिये राहतों का पिटारा खोला है। जिसके प्रचार प्रसार के लिये आज जिला प्रभारी मंत्री और जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं भूजल विभाग के मंत्री सुरेन्द्र गोयल ने 18 फरवरी को मुख्यमंत्री की किसानों के लिये की गई घोषणाओं की जानकारी आज संवाददाता सम्मेलन में दी। जल स्वास्थ्य अभियंात्रिकी मंत्री अपने विभाग से आगामी गर्मी के चलते होने वाली समस्याओं के निराकरण के प्रयास के दावें करते नजर आए।
प्रभारी मंत्री सुरेन्द्र गोयल ने कहा कि किसानों की बिजली से जुड़ी कई बड़ी समसयाओं का निराकरण करते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पूर्व में जो पंचायत समिति स्तर पर कृषि कनेक्शन स्थानान्तरण की नीति में बदलाव करते हुए जिला स्तर पर करने का निर्णय लिया।
किसानों के ट्यूबवैल पर लगे बिजली के कनेक्शनों में होर्स पावर से जुड़े प्रकरणों में वीसीआर भरने में समझौता दो चार माह की बजाए दो माह में करने और दर दो हजार से घटाकर एक हजार रूपये प्रति हार्स पावर करने की जानकारी दी। इसके साथ वीसीआर से संबंधित शिकायतें 60 दिन में करने और 15 दिन में निराकरण करने के निदेश दिये।
इसके साथ दिसंबर 2014 तक जिन आवेदकों के डिमांड नोट जारी हो चुके है और उन्होंने भुगतान नहीं किया उनको भी एक मौका दिया है। भार बढाने की शिकायतों की समस्याओं का भी निराकरण किया जायेगा। प्रभारी मंत्री ने बताया कि किसानों को सस्ती बिजली देने के लिये सरकार ने तीन साल में 20500 करोड़ की राशि सरकारी मद में दी है। इसके साथ विद्युत शिकायत शिविरों का आयोजित करने के भी निर्देश दिये है।
जिला प्रभारी और जलदाय मंत्री सुरेन्द्र गोयल ने आगामी गर्मी के दौरान क्लोजर से होने वाली जोधपुर शहर में पेयजल की समस्या के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि सरकार का प्रयास रहेगा कि क्लोजर लेना ही नहीं पड़े और अगर लेना पड़ा तो पूरा स्टाक करने के बाद ही लिया जायेगा। उन्होंने बताया कि गंगानगर क्षेत्र में 6 मार्च के बाद सिंचाई के लिये पानी में कम खपत का लाभ भी उठाया जायेगा। उन्होंने कहा कि नहर के निर्माण के दौरान हुए समझौता के तहत पानी की आवक को भी बढाने क प्रयास किये जायेगे।
पत्रकारों के सवालों के जवाब में जोधपुर में पेयजल की होने वाले संकट के सवाल पर जलदाय मंत्री ने कहा कि जनता के लिये पानी की व्यवस्था करने क सरकारी स्तर पर और उनके स्वयं के स्तर पर मोनिटरिंग करके कार्य किया जायेगा। जबकि जोधपुर में गर्मी की शुरूआत होने के साथ ही जहां पानी की खपत तो बढ़ जायेगी लेकिन आवक में कटौती के चलते सरकारी स्तर पर पेयजल की आपूर्ति संभव नहीं होने पर आम जनता को टैंकरों से ट्यूबवेलों का सीधा पानी घरों में बने स्टोरेज टांकों में डलवाने को मजबूर होना पड़ेगा। क्योंकि यहां के अधिकारियों ने जब पानी की आवक प्रचूर थी तब तो स्टोक किया नहीं और अब जब पानी की जरूरत बढने लगी तो उनको क्लोजर याद आया।
दोषी के खिलाफ होगी कार्रवाई:
प्रभारी मंत्री ने प्रदेश में चल रहे जन प्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच चल रही तनाव की स्थिति के बारे में बताया कि जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जायेगी। जबकि वे अपने साथी विधायकों की ओर से दिये गए बयानों के बारे में जवाब देने से कन्नी काटते नजर आए। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन के अधिकारी विधि सम्मत जनता का काम कर रहे है और सरकार की योजनाओं का क्रियान्वयन भी माकूल तरीके से किया जा रहा है।
प्रभारी मंत्री कोटा में विधायक और विधायक पति के साथ मारपीट और जोधपुर में बगैर गिरफ्तारी दशार्ये थाने में सम्पत माली के साथ हुई अमानवीय मारपीट के प्रकरण में खुलकर न तो पुलिस और प्रशासन के खिलाफ बोले और नहीं इसके लिये जिम्मदारी तय करने की बजाये मामला मुख्यमंत्री के क्षेत्राधिकार का बताते हुए अधिकारियों को जिम्मेदार बताया।