किसानों के महापड़ाव को पांच दिन पूरे…खैर खबर लेने कोई नहीं आया.. अब गांवों में शुरू करेंगे उग्र आंदोलन, सब्जी अनाज पर लगाएंगे रोक

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जोधपुर। किसानों का महापड़ाव सोमवार को पांचवे दिन भी जारी रहा। पांच दिन पूरे होने के बाद भी उनकी खैर खबर लेने कोई नहीं आया। राज्य सरकार के उदासीन रवैये व हठधर्मिता के कारण किसानों का महापड़ाव समाप्त होने वाला है है। भारतीय किसान संघ की कोर कमेटी की बैठक में 20 जून से आंदोलन गांवों में शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत अब एक साथ गांवों में ग्राम से संग्राम आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस निर्णय के बाद जोधपुर में किसानों का धरना समाप्ति की ओर है। उधर पंाच दिन से बिना किसी सुविधा के लड़ रहे किसान सोमावार को भी गर्मी से बेहाल नजर आए। सोमवार को भी भीषण गर्मी के कारण धरना स्थल पर बैठे कई किसानों की तबीयत बिगड़ गई। एेसे में इन किसानों को अस्पतालों में भर्ती करवाया गया।
बीते पांच दिन से जोधपुर संभाग मुख्यालय पर अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे मारवाड़ के किसान सोमवार को भी महापड़ाव पर बैठे रहे। सरकार की ओर से किसानों के साथ किसी तरह की वार्ता नहीं की गई है। मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों के अलावा प्रशासन की ओर से भी इस संबंध में किसी तरह की पहल नहीं हुई। सोमवार को किसानों की संख्या भी कम हो गई। कुछ कि सानों ने धरना स्थल छोड़ शहर का भ्रमण किया वहीं कुछ लोग अपने गांवों में सार-संभाल करने पहुंचे। उधर,जयपुर से भी सरकार की ओर से बातचीत के लिए किसानों को किसी प्रकार का बुलावा नहीं आया। इससे गुस्साएं किसानों ने कहा कि सरकार किसानों के सब्र की परीक्षा ले रही है, जब आंदोलन उग्र होगा तभी सरकार चेतेगी।
महापड़ाव के पांचवे दिन जयपुर में विद्युत भवन में किसान प्रतिनिधियों व सरकार के बीच वार्ता हो रही है। इसमें गृह मंत्री, कृषि, सिंचाई, सहकारी, ऊर्जा मंत्री किसानों के साथ वार्ता कर रहे हैं। यदि किसानों की मांगें नहीं मानी जाती हैं तो ये किसान आंदोलन तेज करने के मूड में हैं। किसानों ने विभिन्न चरणों में विरोध के अपने तरीके भी बता दिए हैं। इधर, किसान संघ ने बताया कि सरकार की नींद नहीं उड़ रही है। आंदोलन को तेज किया जाएगा।
वहीं जयपुर में भारतीय किसान संघ की कोर कमेटी की बैठक में 20 जून से आंदोलन गांवों में शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत प्रदेश भर में एक साथ गांवों में ग्राम से संग्राम आंदोलन शुरू किया जाएगा। बैठक में प्रदेश के सभी संभाग से आंदोलन का फीडबैक लिया। कोर कमेटी ने संभाग के बजाय आंदोलन को गांवों में शिफ्ट करने का निर्णय लिया। इसके तहत गांवों को आंदोलन का केंद्र बनाकर 20 जून से ग्राम से संग्राम आंदोलन शुरू होगा। इसके पहले चरण में मंडियों को बंद कराया जाएगा फिर गांव बंद कराने के साथ सड़कों पर प्रदर्शन किया जाएगा। आंदोलन में मानव श्रृंखला बनाने, गिरफ्तारियां देने तथा क्षेत्र में आने वाले मंत्रियों का बहिष्कार विरोध करने का निर्णय लिया।
इधर गत दिनों से पड़ाव स्थल पर बढ़ रही किसानों की संख्या को देखते हुए पुलिस ने कलक्ट्रेट परिसर सहित पूरे महापड़ाव स्थल की किलेबंदी कर दी थी। इसके लिए पुलिस ने कमिश्नरेट सहित रेंज से अतिरिक्त जाब्ता बुलाया था, वहीं इस दौरान एसटीएफ सहित विभिन्न क ंपनियों को भी मौका स्थल पर तैनात किया। महापड़ाव के पांचवे दिन किसानों की संख्या में जबरदस्त कमी देखी गई। हजारों की संख्या में दिखने वाले किसान सैकड़ो तक ही सिमट गए। इससे पुलिस ने राहत महसूस की। पुलिस के आलाधिकारियों ने जिला कलक्ट्रेट कार्यालय व पड़ाव स्थल को छोड़ आसपास के पॉइंट पर तैनात अतिरिक्त जाब्ते में कमी कर दी।

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