सैन्यकर्मी को अंतिम विदाई देने उमड़ा जनसैलाब

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दो साल पहले फौज में भर्ती हुए जवान की गोली लगने से हुई थी मौत, कोर्ट और इंक्वायरी के चलते नहीं दिया सैन्य सम्मान
जोधपुर। पश्चिमी बंगाल के बागडोगरा क्षेत्र में बिना कुड़ी मिलिट्री स्टेशन पर कार्यरत जोधपुर के सालवां कलां के रहने वाले सेना के जवान सुनील मेघवाल की अंतिम विदाई में जनसैलाब उमड़ पड़ा। उनकी पार्थिव देह का रविवार को यहां अंतिम संस्कार किया गया। उनकी तीन दिन पहले गोली लगने से मौत हो गई थी। गोली लगने के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। इस कारण कोर्ट और इंक्वायरी के चलते अंतिम संस्कार में सैन्य सम्मान नहीं दिया गया।
जवान सुनील मेघवाल का शव रविवार सुबह उनके पैतृक गांव सालवां कलां पहुंचा। सालवां कलां निवासी सुनील (21) पुत्र मंगलाराम मेघवाल बिना कुड़ी सैन्य क्षेत्र में आर्मी सर्विस कोर की 810 यूनिट में तैनात थे। गुरुवार को गोली लगने के बाद घायल हो गए और उपचार के दौरान अस्पताल में उनकी मौत हो गई। उन्हें बागडोगरा के मिलिट्री हॉस्पिटल लाया गया था, वहां डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित किया। ड्यूटी के दौरान उन्हें गोली कैसे लगी, इसका पता नहीं चल पाया है। इधर परिजनों ने शहीद जवान का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार करवाने की मांग रखी, परिजन सुबह 6 बजे से 10 बजे तक सैन्य सम्मान के लिए बोलते रहे लेकिन किसी ने नही सुनी, और फिर परिजनों व गांव के लोगों ने शहीद का अंतिम संस्कार कर दिया। वहीं सेना ने कहा कि कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दिए गए थे। इस कारण उनका सैन्य सम्मान से अंतिम संस्कार नहीं किया गया। सुनील के पिता मंगलाराम स्वयं आर्मी में है और दादा बिरधा राम भी आर्मी से सेवानिवृत्त है।