सरदारपुरा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत

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दिल्ली में स्वयं गहलोत ने की घोषणा, वे और पायलट दोनों लड़ेंगे चुनाव

जोधपुर। दो बार राजस्थान के मुख्यमंत्री रहे अशोक गहलोत ने बुधवार को दिल्ली में घोषणा की है कि सिर्फ वे ही नहीं बल्कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट भी विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। इसके साथ ही दोनों के चुनाव लडऩे पर पैदा हुआ
संशय समाप्त हो गया है। गहलोत की इस घोषणा का सचिन ने भी समर्थन किया। अब तय हो गया है कि गहलोत जोधपुर शहर में अपनी परम्परागत सरदारपुरा से ही चुनाव लड़ेंगे। गहलोत की घोषणा के साथ ही कांग्रेस की दो दिन से लंबित
प्रत्याशियों की सूची में से पहला नाम सामने आ गया। गहलोत की इस घोषणा से जोधपुर में उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। उनके समर्थकों ने इस घोषणा पर खुशी व्यक्त की है। अधिकांश कांग्रेसी पहले से मान कर चल रहे थे
कि गहलोत सरदारपुरा से ही चुनाव लड़ेंगे। गहलोत ने इसकी तैयारी काफी दिन पहले से शुरू कर दी थी। उन्होंने अपने सबसे खास जेडीए के पूर्व चेयरमैन राजेन्द्र सोलंकी को पहले से चुनाव की तैयारियों में जुट जाने का कह रखा था। इसके बाद सोलंकी ने सरदारपुरा क्षेत्र में बीस दिन पूर्व से ही जनसंपर्क अभियान शुरू कर रखा है। हालांकि दो दिन पूर्व दिल्ली में यकायक बदले परिदृश्य में उनके चुनाव लडऩे पर कुछ संशय बन गया था। दीपावली पर अपनी जोधपुर यात्रा के दौरान गहलोत ने कहा भी था कि सूची सामने आने पर ही उनका टिकट तय होगा। मुस्कराते हुए उन्होंने कहा था कि हो सकता
है कि उनका टिकट पार्टी काट दे। सरदारपुरा विधानसभा क्षेत्र गहलोत की कर्म स्थली रहा है। वर्ष 1977 में उन्होंने यहीं से पहला चुनाव लड़ा था।उस समय युवा गहलोत को जनता लहर में हार का सामना करना पड़ा था। जोधपुर से पांच बार सांसद रह चुके गहलोत सरदारपुरा से चार चुनाव लगातार जीत चुके है। गहलोत की अपेक्षा सचिन पायलट की प्रदेश में कोई सुरक्षित सीट नहीं है। उनका नाम दौसा और अजमेर से चल रहा है। आज दिल्ली में दौसा से भाजपा सांसद हरीश
मीणा के कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करने के साथ स्पष्ट हो गया कि अब सचिन दौसा से ही चुनाव लड़ेंगे। दौसा के कद्दावर मीणा नेता के पार्टी में शामिल होने से सचिन की राह अपेक्षाकृत आसान हो गई है।