जिले में विधानसभा चुनाव के लिए 7 दिसम्बर को मतदान होगा। मां-बेटे का धरना जारी

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जोधपुर।

बीएसएनएल के एक कर्मचारी नेता के स्थानातंरण को लेकर उसकी पत्नी और पुत्र का बेमियादी धरना बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। यह धरना बीएसएनएल के जोधपुर मुख्यालय के बाहर दिया जा रहा है।

धरने पर बैठे मां-बेट की ना तो बीएसएनएल अधिकारियों ने सुध ली और ना ही यूनियन का कोई पदाधिकारी वहां आया। हालांकि इस संबंधम में बीएसएनलईयू के परिमंडल सचिव और स्थानीय अधिकारियों को मांगों की लिखित में जानकारी दी गई लेकिन अधिकारियों और यूनियन के पदाधिकारियों ने अब तक कोई सुनवाई नहीं की है।

बीएसएनएलयूई के प्रदेश उपाध्यक्ष गोरधन जांगला की पत्नी शोभा जांगला ने बताया कि उसके पति काफी समय से इस यूनियन के पदाधिकारी रहे और उन्होंने इस दौरान यूनियन के क्षेत्राधिकार को जोधपुर संभाग में बढ़ाने के साथ कर्मचारियों की जायज मांगों के लिए धरने प्रदर्शन कर पीडि़त कर्मचारियों को उनके अधिकार दिलाए। नागौर जिले में स्थानान्तरण करने पर करीब दस साल तक वहां के ग्रामीण इलाकों में अपनी ड्यूटी निभायी।

इसी दौरान उनकी उम्र भी 55 वर्ष से ज्यादा हो गई। इसके बाद विभागीय नियमानुसार उनको जोधपुर शहरी क्षेत्र में पदस्थापित करने की प्रक्रिया अपनायी गई और उनका स्थानान्तरण भी जोधपुर शहर में हो गया लेकिन उसके पति के जोधपुर में स्थानान्तरण होने की सूचना मिलते ही बीएसएनएलईयू के स्थानीय पदाधिकारियों ने पदस्थापित नहीं करने को लेकर धरना प्रदर्शन किया, जिसके चलते स्थानीय अधिकारी उसके दबाव में आकर उनको जोधपुर में ज्वॉइनिंग नहीं दे रहे है।

साथ ही जोधपुुर से करीब डेढ़ सौ किलोमीटर दूर लोहावट गांव में उनको कार्य करने के लिए आदेश दिए गए है जबकि उनके पति का स्थानान्तरण नियमानुसार हुआ है। जांगला ने बताया कि वह स्वयंं और उसका पुत्र डायबिटीज के रोगी है और उनका नियमित इलाज भी चल रहा है। घर में पत्नी और पुत्र की बीमारी और दूसरी तरफ अधिकारियों की हठधर्मिता के चलते पदस्थापन की प्रतिक्षा में बैठे उसके पति अवसाद के कारण बीमार पड़ गए है।

पति के जायज अधिकारों को दिलाने के लिए यूनियन के पदाधिकारियों और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ वह अनिश्चितकालीन धरने पर बैठी है।