भाजपा नेता की भाभी की हत्या का मामला: अस्पताल से डिस्चार्ज करने पर आरोपी पति को किया जाएगा गिरफ्तार

91

जोधपुर।

करीब एक सप्ताह पूर्व बनाड़ थाना क्षेत्र में हुई भाजपा नेता की भाभी की हत्या का मामला पुलिस ने पूरी तरह से सुलझा लिया है। महिला की हत्या उसके पति ने ही की थी। इस हत्या की साजिश सावधान इंडिया देखकर रची गई थी। फिलहाल हत्या का आरोपी स्वयं घायलावस्था में है और उसका इलाज चल रहा है। उसके अस्पताल से डिस्चार्ज होते ही पुलिस गिरफ्तार कर लेगी।

पुलिस ने बताया कि भाजपा के रातानाडा मंडल अध्यक्ष जेठूसिंह ने रिपोर्ट दी थी कि उसके बड़े भाई गजेंद्रसिंह (42) पुत्र किशनसिंह बनाड़ के नांदड़ा खुर्द स्थित संगम विहार में परिवार सहित रहते है। गत 27 नवंबर
को तड़के करीब सवा चार से साढ़े चार बजे के बीच अज्ञात लोगों ने घर का दरवाजा खटखटाया। तब नींद से उठे गजेंद्रसिंह ने दरवाजा खोला। तब उनके सामने तीन-चार नकाबपोश लोग खड़े थे।

वह कुछ समझ पाते उससे पहले ही वे लोग जबरन घर में घुसने लगे। तब उसकी पत्नी सूरज कंवर के रोकने पर उन्होंने हथियार संभवत: से चाकू से उसका गला रेत दिया। गला पूरी तरह कट गया। चाकू का गहरा घाव गजेंद्रसिंह के गले पर भी लगा। उनका पुत्र भी हमले में घायल हो गया। इसके बाद लुटेरों ने घर में जो हाथ लगा लेकर चलते बने। इस हत्या की जांच के दौरान पुलिस को कुछ अहम सुराग हाथ लगे।

पड़ौसियों और घायल पिता- पुत्र के बयानों में अंतर आने पर मामला संदिग्ध बन गया। संदेह की सुई घायल गजेंद्रसिंह पर जाकर टिकी। घायल पुत्र कुशालसिंह ने भी न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष अपने धारा 164 के बयानों में पिता गजेंद्रसिंह पर ही चाकू से हमला करना बताया। उसने बताया कि उसके पिता ने ही माता का कत्ल किया था और उसे भी मारना चाहा था। इसके बाद उसने अपने पिता के कहने पर ही परिजनों व अन्य लोगों को अज्ञात लुटेरों द्वारा लूट व हमले की बात कही थी। बाद में घायल कुशालसिंह ने यह बात अन्य परिजनों को भी बताई।

प्रथम दृष्टया पुलिस ने बताया कि इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए गजेंद्र के दिमाग में सावधान इंडिया रहा है। वह अक्सर सावधान इंडिया और अन्य आपराधिक विषयों पर बने सीरियल देखा करता था। यह भी बताया गया है कि वह दो बीसी चलाता था। एक बीसी एक लाख व दूसरी पांच लाख की थी। जुलाई तक वह ब्याज देता रहा लेकिन बाद में ब्याज देना बंद कर दिया।

इससे वह कर्जदार बन गया। वर्ष 2015 तक उस पर 12-15 लाख का ही कर्जा था लेकिन धीरे धीरे वह बढ़ते हुए करीबन 50 लाख तक पहुंच गया।