कादर खान परिवार की बेरुखी सहन नहीं कर पाए और चल बसे

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अभिनेता कादर खान और अमिताभ बच्चन ने एक साथ कई फिल्में कीं। अदालत, सुहाग, मुकद्दर का सिकंदर, नसीब और कुली जैसी बेहद कामयाब फिल्मों में इन दोनों ने साथ काम किया। इसके अलावा कादर खान ने अमर अकबर एंथनी, सत्ते पे सत्ता और शराबी जैसी फिल्मों के संवाद भी लिखे लेकिन कादर खान अमिताभ बच्चन को लेकर खुद एक फिल्म बनाना चाहते थे और उनकी ये तमन्ना कभी पूरी नहीं हो पायी और अब ये तमन्ना कभी पूरी नहीं हो पाएगी क्योंकि एक्टर और कॉमेडियन कादर खान का 81 की उम्र में निधन हो गया है। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे और पिछले कुछ समय से कनाडा के एक अस्पताल में भर्ती थे।

बॉलीवुड में 45 साल तक डायलॉग्स से लोगों को हंसाने वाले अभिनेता कादर खान अंतिम दिनों में अंदर से इतना टूट चुके थे कि भारत छोड़कर कनाडा जाकर बस गए। कादर खान के तीन बेटे हैं। सबसे छोटा बेटा कद्दुस ही कादर खान का ख्याल रखता था। वो इसी बेटे के साथ कनाडा में रहते थे

कुछ समय पहले कादर खान ने डायरेक्टर फौजिया अर्शी की फिल्म ‘हो गया दिमाग का दही’ में काम किया था। फौजिया ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया था कि कादर खान बहुत बीमार रहते हैं, लेकिन उनकी फैमिली उनका बिलकुल भी ख्याल नहीं रखती है। कुछ समय पहले कादर खान की मौत की झूठी खबर फैल गई थी। उन्होंने खुद सामने आकर बताना पड़ा था कि वो जिंदा हैं और सही सलामत हैं।

कादर खान का जन्म काबुल, अफगानिस्तान में हुआ था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक प्रोफेसर के तौर पर की थी। कादर खान का बचपन बड़ी ही गरीबी में बीता। उनके पास पहनने के लिए चप्पल तक नहीं होते थे।

भारत-पाकिस्तान के बंटवारे के बाद कादर खान का परिवार भारत आकर बस गया था। कादर खान के दो भाई थे जिनका बचपन में ही निधन हो गया था। कादर खान के जन्म के समय उनकी मां मुंबई आ गई थीं। कादर एक इंजीनियरिंग छात्र थे। पढ़ाई पूरी होने के बाद वो सिद्दिकी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में प्रोफेसर हो गए।

कादर खान को अभिनय करना अच्छा लगता था । वो कॉलेज के समय में अभिनय में हिस्सा लिया करते थे। एक बार दिलीप कुमार ने उनका अभिनय देखा और उन्हें बहुत अच्छा लगा। इसके बाद दिलीप कुमार ने कादर खान से अपनी फिल्मों में काम करने के लिए बोला। कादर खान की पहली फिल्म ‘दाग’ थी। इस फिल्म में कादर खान वकील के रूप में नजर आए थे।

कादर खान ने उस दौर की हिट फिल्म ‘रोटी’ के डायलॉग्स लिखे थे। इस फिल्म के लिए मनमोहन देसाई ने उन्हें एक लाख 20 हजार रुपए फीस दी थी। उस दौर में यह फीस बहुत बड़ी थी। कादर खान ने फिल्मों के अलावा कई टीवी शो में भी काम किया। उनका शो ‘हंसना मत’ काफी लोकप्रिय हुआ था। कादर खान को एक कॉमेडियन के तौर पर जाना जाता है।

कादर खान को 9 बार बेस्ट कॉमेडियन अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट किया गया।  कादर खान कब्रों के बीच बैठकर डायलॉग्स लिखा करते थे। कादर खान अश्लील और डबल मीनिंग डायलॉग्स भी लिख चुके हैं। जिसके लिए उन्हें लोगों से काफी बुराई भी सुनने को मिली थी

कादर खान को लगता था लोग उन्हें भूल गए है उन्हें कोई भी फोन नहीं करता और ना ही उनका हाल-चाल जानने की कोशिश करता। सिर्फ अमिताभ बच्चन ही उन्हें कॉल करते थे। कादर खान को इस बात का बहुत दुख था कि उन्होंने इंडस्ट्री के लिए इतना कुछ किया लेकिन आज तक उन्हें पद्दमश्री जैसे सम्मान का हकदार नहीं समझा गया। कादर खान ने अपने दिल के सारे गम फौजिया के साथ शेयर किए थे।