अजमेर जेल से हार्डकोर मांजू ने दी हिस्ट्रीशीटर भंभानी को धमकी

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दो बार वाइस कॉल कर धमकाया, मुकदमें गवाह से मुकरने को कहा
जोधपुर। देश भर की जेलों में सिक्युरिटी के नाम पर फौरी कार्रवाई की जाती है। यह बात जगजाहिर हो चुकी है। अब तक तो जोधपुर जेल से मोबाइल फोन पर बातें होना आम बात सी थी। मगर अब प्रदेश की हाई सिक्युरिटी अजमेर जेल भी
अछूती नहीं रह गई है। जेल में बंद हार्डकोर अपराधी कैलाश मांजू ने शहर के चौपासनी हाऊसिंग बोर्ड थाने के
हिस्ट्रीशीटर दिनेश भंभानी को धमकाया है।

जेल से वाइस कॉल कर दो बार फोन किया गया। मामला 7 जनवरी की रात का बताया जाता है। मगर इस बारे में हिस्ट्रीशीटर भंभानी ने कल चौहाबो थाने में इसकी प्राथमिकी दी। फोन नंबर से पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कॉल कहां से आया।

मगर वाइस कॉल क ी लोकेशन ढूंढना पुलिस की लिए टेडीखीर बनी है। शुक्रवार को चौपासनी हाऊसिंग बोर्ड थानाधिकारी भंवरलाल वैष्णव ने बताया कि श्रीराम नगर बी- 111 में रहने वाले दिनेश भंभानी पुत्र किशनचंद सिंधी ने यह
रिपोर्ट दी। इसमें बताया कि हार्डकोर अपराधी कैलाश मांजू उसके फायरिंग प्रकरण को लेकर गवाह से मुकरने की
धमकी दे रहा है। गत 7 जनवरी की रात साढ़े दस से च्यारह बजे के बीच उसने दो बार अजमेर की हाई सिक्युरिटी जेल से मोबाइल पर वाइस कॉल किया और गवाह से मुकरने की धमकी।  गवाह से नहीं मुकरने पर देख लेने को कहा।
थानाधिकारी वैष्णव ने बताया कि दिनेश भंभानी ने फोन नंबर उपलब्ध करवाए है मगर वाइस कॉल की रिकॉर्डिंग नहीं दी गई है। ऐसे में कॉल कहां से आया इस बारे में लोकेशन पता लगाना मुश्किल होता है। पुलिस ने हार्डकोर द्वारा दी धमकी पर मामला दर्ज किया है।
सनद रहे कि हार्डक ोर कैलाश मांजू को गत वर्ष बालेसर पुलिस ने उसके पिता के निधन पर आने पर गिरफ्तार किया था। इसके बाद पुलिस कमिश्नरेट के कई थानों की पुलिस ने रिमाण्ड पर लेकर पूछताछ की थी। एक मामला शास्त्रीनगर थाने का भी था। जिसमें  कैलाश मांजू द्वारा दिनेश भंभानी पर फायरिंग की गई थी। मांजू गैंगस्टर लारेंस विश्रोई का स्थानीय गुर्गां भी रहा है। थानाधिकारी वैष्णव के अनुसार मांजू दिनों अजमेर की हाई सिक्युरिटी जेल में बंद है।