चोकलेट डे: प्यार करने वाले एक-दूसरे को चॉकलेट गिफ्ट  कर अपने दिल की बात कहते हैं।

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हैप्पी चॉकलेट डे वैलेंटाइन वीक का तीसरा और रिश्तों में मिठास घोलने का डे यानी चॉकलेट डे। वैसे तो एक स्वीट डिश के रूप में तो चॉकलेट मशहूर है ही लेकिन जब इजहार-ए मोहब्बत की बात आती है तो चॉकलेट की महत्ता और बढ़ जाती है, तभी तो एक पूरा दिन ही चॉकलेट के नाम कर दिया गया। हर साल 9 फरवरी को हम चॉकलेट डे के रूप में मनाते हैं, जो वैलेंटाइन वीक का एक खास दिन है। इस दिन प्यार करने वाले एक-दूसरे को चॉकलेट गिफ्ट  कर अपने दिल की बात कहते हैं।

मार्केट में भी इन दिनों विभिन्न स्टाईल व पैकिंग में चॉकलेट उपलब्ध है। खूबसूरत पैकिंग व अनोखे शेप की चॉकलेट कर किसी को लुभा रही है।

चॉकलेट डै के लिए स्पेश्यल सजावट के साथ चॉकलेट शॉ रुम भी पूरी तैयारी में है। वहीं ऑनलाईन मार्केट भी चॉकलेट की विभिन्न रेंज व विभिन्न ऑफर के साथ तैयार है।

इधर श्योसल मिडीया पर भी चॉकलेट डे को लेकर विभिन्न वीडियों, शायरियां, स्टेटस आदि ट्रेंड में है।

पर क्या आप चॉकलेट का इतिहास जानते हैं।

जानिए क्यों मनाया जाता है चॉकलेट डे
वैलेंटाइन वीक के तीसरे दिन चॉकलेट डे मनाया जाता है। रोमांस से भरे इस हफ्ते में चॉकलेट की मिठास जोड़ने के पीछे एक मजबूत कारण भी है। कई शोध बताते हैं कि चॉकलेट खाने से हमारी लव लाइफ दुरुस्त रहती है। आपको बता दे कि चॉकलेट में थियोब्रोमीन और कैफीन होते हैं। चॉकलेट खाने से दिमाग में एंडोरफिन रिलीज होता है, जिससे हम आराम महसूस करते हैं।

साथ में खाना पकाना और खाना, एक-दूजे के करीब आने का सबसे बढ़िया जरिया होता है। आज के दिन आप अपने पार्टनर के साथ मिलकर कोई चॉकलेट डिश बनाएं।

चॉकलेट कभी होती थी तीखी
चॉकलेट हमेशा से मीठी नहीं थी कभी इसका स्वाद तीखा हुआ करता था और लोगों को पसंद था। इसके तीखे होने की एक खास वजह ये थी की अमेरिकन लोग इसे बनाने के लिए कोको के बीज को पीसकर उसमे कुछ मसाले व मिर्च मिलाते थे, जिसके कारण ये काफी तीखा था।

चॉकलेट शब्द के बारे में बहुत सारे तथ्य हैं। कुछ के अनुसार चॉकलेट शब्द मूलतः स्पैनिश भाषा का शब्द है। एजटेक की भाषा नेहुटल में चॉकलेट शब्द का अर्थ होता है खट्टा या कड़वा। चॉकलेट की प्रमुख सामग्री केको या कोको के पेड़ की खोज 2000 पूर्व अमेरिका के वर्षा वनों में की गई थी। इस पेड़ की फलियों में जो बीज होते हैं उनसे चॉकलेट बनाई जाती है। हालांकि इस समय में अफ्रीका के 70 फीसदी कोको की पूर्ति अकेले ही करता है। कहा जाता है कि चॉकलेट की शुरुआत मैक्सिको और मध्य अमेरिका के लोगों ने किया था। 1528 में स्पेन ने मैक्सिको को अपने कब्जे में लिया पर जब राजा वापस स्पेन गया तो वो अपने साथ कोको के बीज और सामग्री ले गया। जल्द ही ये वहां के लोगों को पसंद आ गया और अमीर लोगों का पसंदीदा पेय बन गया।