सीमावर्ती चार जिलों में 40 बीआइ चौकियां, 24 पर जड़े हुए हैं ताले

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जोधपुर, 5 मार्च। युद्ध और तनाव की स्थिति में बॉर्डर पर खुफिया तंत्र
का नेटवर्क राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए लिहाज से सबसे मजबूत होना
जरूरी है लेकिन पश्चिमी सीमा पर बॉर्डर इंटेलीजेंस (बीआइ) की
बाड़मेर, जैसलमेर, गंगानगर और बीकानेर की 24 चौकियों को 2009
में बंद कर दिया गया। दो साल पहले 2016 में गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने
जैसलमेर दौरे पर वादा किया था चौकियों को पुन: प्रारंभ
करवाएंगे,लेकिन ऐसा नहीं हुआ है।

पश्चिमी सीमा बाड़मेर-जैसलमेर-गंगानगर और बीकानेर में 24
चौकियों को यह तर्क देकर बंद कर दिया गया कि अब यहां घुसपैठ कम हो गई
है। लेकिन चौकियां बंद होने के बाद भी संदिग्ध लोगों के आने, पाकिस्तानी
जासूस के जैसलमेर में पकड़े जाने सहित कई घटनाएं लगातार हुई।
मोबाइल और इंटरनेट नेटवर्क बढऩे के साथ जरूरी हो गया है कि अब
बॉर्डर के गांवों में और चौकसी बढ़ाई जाए। ऐसे में इन चौकियों को
प्रारंभ करने की बात उठी लेकिन बात आगे नहीं बढ़ पाई।
तीन साल से कागजों में बन रहे प्रस्ताव : सुरक्षा के लिहाज से चौकियों
को शुरू करवाने के लिए तीन साल पहले प्रस्ताव बना था। जो सरकार को
भेजा गया, चौकियों के लिए 144 पदों की जरूरत महसूस की गई थी। सूत्रों से
जानकारी में सामने आया है कि वित्तीय स्वीकृति नहीं मिलने से चौकियों
का संचालन पुन: शुरू नहीं हुआ। चौकियों को शुरू करवाने के लिए
बीएसएफ व पुलिस भी सरकार को अवगत करवा चुकी है।