ऊर्जा सचिव और उिस्कॉम उच्चाधिकारियों को अवमानना नोटिस जारी

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जोधपुर। जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड की ओर से लगाई जाने वाली
एलईडी लाइटों के लिए आयोजित नीलामी प्रक्रिया में अनियमितता को लेकर
राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रदेश के ऊर्जा सचिव और जोधपुर डिस्कॉम के
उच्चाधिकारियों को अवमानना नोटिस जारी किए है।
के.एनर्जी फर्म की ओर से प्रस्तुत रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए
हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को भी नीलामी प्रक्रिया में शामिल करने का
अंतरिम आदेश दिया था लेकिन डिस्कॉम अधिकारियों ने उच्च न्यायालय का आदेश
दरकिनार करते हुए याचिकाकर्ता को वंचित करते हुए नीलामी प्रक्रिया को आगे
बढ़ा दिया जिस पर याचिकाकर्ता के अधिवक्ता परवेज मोयल ने उच्च न्यायालय में
डिस्कॉम अधिकारियों और ऊर्जा सचिव के खिलाफ अवमानना याचिका दायर
की। वहीं रिट याचिका के अन्तर्गत द्वितीय स्थगन प्रार्थना पत्र पेश किया। इस पर
सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने उच्चाधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए
जवाब पेश करने और याचिकाकर्ता को नीलामी प्रक्रिया में शामिल करने
का आदेश पारित किया।

धोखाधड़ी के आरोपियों की गिरफ्तारी पर रोक
जोधपुर। सगाई करने के बाद विवाह नहीं करने पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते
हुए दर्ज कराए गए आपराधिक मुकदमे में राजस्थान हाईकोर्ट ने आरोपियों
की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।
चूरू जिले के राजगढ़ पुलिस थाने में श्योनाथ सिंह ने जयपुर निवासी इन्द्र सिंह व
उसके सभी परिवारजनों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करवाते हुए कहा कि
मुल्जिमान ने अपने पुत्र की सगाई उनकी पुत्री के साथ की लेकिन यह सगाई निरस्त
किए बिना ही बाद में उसकी सगाई अन्यत्र कहीं और कर दी। मुल्जिमान ने उसके साथ
धोखाधड़ी की है। इस एफआईआर को राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए
आरोपियों की ओर से अधिवक्ता रजाक के. हैदर ने कहा कि सगाई निरस्त
करने की कोई विधिक प्रक्रिया निर्धारित नहीं है जिसकी पालना करने के लिए वह
बाध्य है। सगाई एक रीति रिवाज है जिसके आधार पर बाद में किन्हीं
परिस्थितियों में विवाह नहीं होने की स्थिति में आपराधिक मुकदमा दर्ज करवाना
कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग है। प्रारम्भिक सुनवाई के बाद उच्च न्यायालय ने
याचिकाकर्ताओं की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए परिवादी को नोटिस
जारी कर जवाब पेश करने का आदेश दिया।