माहे रमजान का पहला रोजा मंगलवार को , तरावीह रात से

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जोधपुर, 6 मई। रहमतों और बरकतों का महीना रमजान मंगलवार से
शुरू हो रहा है। रविवार को चांद दिखाई नहीं देने के कारण माह-
ए-रमजान अब मंगलवार से शुरू होगा।
रमजान के इस पूरे महीने में लोग रोजा रखेंगे और जकात और
खैरात देंगे। पहला रोजा करीब 15 घंटे का रहेगा। इस चिल्लचिलाती
गर्मी में रोजा रखना मोमिनों के लिए इम्तेहान की घड़ी है। कई नन्हें नन्हें
बच्चे कल पहली बार रोजा रखेंगे। मंगलवार अलसुबह 4.27 बजे से पहला
रोजा शुरू हो जायेगा। जो शाम 7.15 रोजा इफ्तारी के साथ खत्म होगा।
यह सिलसिला पूरे महीने भर ईद का चांद दिखाई देने तक चलेगा। सोमवार
रात तरावीह होगी। शहर के मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में रविवार को
ही रमजान की तैयारियां शुरू कर दी गई। आज भी इन इलाकों में
रमजान की रौनक दिखाई दे रही है।
रमजान के महीने में तरावीह : चांद दिखने के बाद जिस दिन चांद दिखता है उस दिन
रोजेदार रात की अंतिम और पांचवीं नमाज इशा की 17 रकात नमाज के बाद 20
रकात तरावीह की विशेष नमाज पढ़ते हैं। इसमें कुरान शरीफ पढ़ा जाता
है। रमजान का महीना खत्म होने और ईद से पहले हर रात तरावीह की विशेष
नमाज पढ़ी जाती है।
रोजा और रोजेदार : रोजों के दौरान रोजेदार सुबह 3 बजे उठ कर
सेहरी करते हैं यानि भोजन पानी आदि का सेवन करते हैं। सुबह फज्र की नमाज
से पहले तक तयशुदा वक्त तक सेहरी का समय होता है। रोजेदार पूरे दिन
निराहार और निर्जल रहते हैं और किसी तरह की गंध से भी बचते हैं। वहीं सभी
रोजेदार पूरे दिन पांच वक्त नमाज पढ़ते और कुरान शरीफ की तिलावत
करते हैं। रोजेदार दिन की चौथी और सूर्यास्त के बाद होने वाली मगरिब की
नमाज से फौरन पहले तयशुदा समय पर खजूर से रोजा खोलते हैं। इस दौरान
जितना समय होता है उसके अनुरूप शरबत शिकंजी या रसीले फलों का जल्दी से
सेवन करते हैं। इसके तत्काल बाद मगरिब की नमाज अदा की जाती है। वे नमाज के
बाद केवल रात तक कभी भी खाना खा सकते हैं। इसके बाद इशा की नमाज अदा की
जाती है और तरावीह की विशेष नमाज पढ़ी जाती है। रोजे का समय : मंगलवार
को सहरी सवेरे 4.27, रोजा इफ्तार शाम 7.15