शनि जयंती सोमवार को, होंगे धार्मिक अनुष्ठान

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जोधपुर, 1 जून। सोमवार 3 जून को शनि जयंती है। ज्योतिष में नवग्रहों में से एक
शनिदेव का अत्यधिक महत्व है। ऐसे में शनि जयंती के दिन भगवान शनिदेव की पूजा,
शनि का दान एवं विशेष अनुष्ठान का विशेष महत्व होता है। शनि जयंती के दिन की
जाने वाली विशेष पूजा तमाम तरह की मुसीबतों से छुटकारा दिलाती है।
नौकरी और व्यवसाय में आ रही दिक्कतों को दूर करती है। शनि न्याय के देवता
हैं और यदि विधि-विधान से इनकी पूजा की जाए तो जीवन से जुड़े सभी प्रकार के दोष
दूर हो जाते हैं। शनि जयंती पर सोमवती अमावस्या होने से इस दिन का महत्व और बढ़
जाता है।
तीन जून को तीन ग्रहों के योग यानि त्रियोग में सोमवती अमावस्या व देवपितृ अमावस्या
वट सावित्री व्रत मनाया जाएगा। इस दिन दानपुण्य करने से पितृदोष की शांति होगी।
वहीं पति की भी दीर्घायु होगी। तीन जून को सर्वार्थ सिद्घी योग सुबह 5 बजकर 49 बजे तक
रहेगा। वहीं अमृत योग रात्रि 12 बजे से प्रारंभ होकर सुबह 5 बजकर 49 मिनट
तक रहेगा। साथ ही बुध, मंगल और राहु का त्रिग्रही योग भी बन रहा है। साथ ही

केतु के साथ शनि की उपस्थिति होने के कारण इसका व्यापक असर प्रत्येक जातक
पर पड़ेगा। इस बार अमावस्या सोमवार के दिन रोहिणी नक्षत्र तथा वृषभ
राशि के चंद्रमा की उपस्थिति में मनाई जाएगी। इस दिन शनिदेव की आराधना
करने से जातकों को विशिष्ठ शुभफल प्रदान होंगे। शनि जयंती के मौके पर
जोधपुर के विभिन्न शनि मंदिरों में भगवान शनि देव की विशेष पूजा अर्चना की
जायेगी। शहर के विभिन्न शनि मंदिरों को विशेष रूप से सजा दिया गया है
और भक्तों की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के इंतजाम कड़े किये जा रहे हैं हैं।
मंदिरों में तेलाभिषेक के साथ दान पुण्य भी किये जायेंगे।
लाचू कालेज के पास शाीनगर क्षेत्र में स्थित शनि धाम के महंत हेमन्त
महाराज ने बताया कि इस दिन प्रात :: 7 बजे ध्वजारोहण और नूतन व धारण
होगा, 9 बजे से विशेष पूजन, मंत्र जाप विद्वान ब्राह्मणों की ओर से किया
जायेगा। दोपहर 12 बजे विशेष पूजा के साथ महाआरती का आयोजन होगा
और सायं 6 बजे से महातेलाभिषेक महापूजन होगा। रात्रि 8 बजे
महाआरती पश्चात प्रसाद वितरण, अभिमंत्रित मुद्रिाक व अभिमंत्रित रक्षा कवच
का वितरण के से आमरस और कोप्ता प्रसाद के ताथ रात्रि 12 बजे महाजन्म
आरती का आयोजित किया जायेगा। इसके साथ चौपासनी रोड़ पर शनिश्चर जी
का थान स्थित प्राचीन शनि मंदिर पर विशेष धार्मिक आयोजन किये जायेगा।
इसको लेकर मंदिर में विशेष साज सज्जा के साथ फुलमंडली का आयोजन भी
किया जायेगा।
जोधपुर के जूना खेडापति हनुमान मंदिर में सामूहिक तेलाभिषेक के साथ
विभिन्न अनुष्ठान किए जायेंगे। मंदिर में आने वाले भक्तों की भीड़ को देखते हुए
महिलाओं एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग दर्शन की व्यवस्था की जा रही है। इसी तरह
शनिश्चरजी के थान स्थित शनि मंदिर में पूजा अर्चना के साथ धार्मिक अनुष्ठान
ह़ोगे। शास्त्री नगर शनि धाम सहित शहर के अन्य शनि मंदिरों में तेलाभिषेक
के साथ धार्मिक कार्यक्रमों की धूम रहेगी।
जानकारी के अनुसार ज्येष्ठ मास के कृष्णपक्ष अमावस्या तीन जून को अखण्ड
सौभाग्य के लिए महिलाएं वट सावित्री व्रत रखेंगी। इस दिन सर्वार्थ सिद्घी योग भी
रहेगा। वट सावित्री व्रत पर अमावस्या भी रहेगी। अमावस्या की तिथि दो जून की
शाम को 4 बजकर 39 मिनट से प्रारंभ होगी। वट सावित्री अमावस्या के दिन
माता सावित्री ने यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राणों की रक्षा की थी। इस
दिन वटवृक्ष के नीचे सावित्री व सत्यवान की कथा का श्रवण करने से मनोवांछित
फल की प्राप्ति होती है।
सोमवती अमावस्या के दिन नदी या पवित्र जलाशयों में स्नान करने एवं दान का
विशेष महत्व है। इस दिन मौन भी रखा जाता है इसके कारण इसका एक नाम मौनी
अमावस्या भी है। इस दिन काली उड़द की दाल,छाता,लोहे या जूते का दान करें।
विशेष लाभ मिलेगा। गरीबों को भोजन कराएं,चूंकि शनि न्याय के देवता हैं तो
भूलकर भी किसी को नहीं सताएं, वरना शनि दंड जरुर देंगे।