नागौर में कब्रिस्तान की जमीन पर गेस्ट हाउस निर्माण को चुनौती, जनहित याचिका दायर

84

कब्रिस्तान की रकबा जमीन में भी हेराफेरी के आरोप
-हाइकोर्ट ने सरकार व जिला प्रशासन को नोटिस जारी कर किया जवाब तलब

जोधपुर
राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ऐस रविन्द्र भट्ट व डॉ जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी की खंण्ड पीठ में नागौर में कब्रिस्तान की जमीन पर कथित अवैध रूप से गेस्ट हाउस निर्माण को चुनौती देने वाली जनहित याचिका की सुनवाई हुई।
याचिका कर्ता बड़ली विकास समिति नागौर की ओर से दायर जनहित याचिका में सुनवाई के बाद खंण्ड पीठ ने अप्रार्थी राज्य सरकार, जिला कलेक्टर नागौर सहित दरगाह समिति के हमीदुद्दीन शफी नागौरी आदि को नोटिस जारी कर 22 अगस्त तक जवाब तलब किया है।
याचिका कर्ताओ की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता मोतीसिंह ने कहा कि सबसे पहले कब्रिस्तान की रकबा जमीन फर्जीवाड़े से 16 बीघा के स्थान पर 86 बीघा कर दी गई है, जिसकी चाहर दीवारी निर्माण पर विवाद हुआ था। यह जमीन तहसीलदार की रिपोर्ट के अनुसार गंगानी तालाब का कैचमेंट एरिया और गैर मुमकिन आगोर की जमीन है। यही नही पिछले चुनाव के अवसर पर तत्कालीन एमएलए हॉबीबुर्रहमान द्वारा उक्त निर्माण के लिए 1 करोड़ की सरकारी सहायता की स्वीकृति करने के बाद शिलान्यास कर दिया था, दरअसल यह प्रोजेक्ट 100 करोड़ का है। इसके फंडिंग की जांच कराई जाए।